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PVC रेज़िन — मार्केट अपडेट
पिछला पूरा सप्ताह निकल गया, रिलायंस से बिलकुल भी PVC नहीं आया। और रेट देखिए क्या हुआ। 27 जुलाई को रिलायंस ने सभी ग्रेड ₹2,000/MT बढ़ाए। 1 अगस्त को फिर बढ़ाए, हाई-K पर ₹3,000 और लो-K पर ₹4,000/MT। 13 अगस्त को एक बार और, ₹1,000/MT। यानी तीन हफ्ते में ₹6 से ₹7 प्रति किलो ऊपर, और माल फिर भी नहीं।
इम्पोर्ट से भरने की सोच रहे हैं तो वो दरवाज़ा सरकार ने खुद बंद कर दिया है। 24 जुलाई से सस्पेंशन ग्रेड PVC पर $766 प्रति टन CIF का मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस लग चुका है, जनवरी 2027 तक। इससे नीचे का माल आ ही नहीं सकता। ऊपर से सात देशों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी पहले से चल रही है।
चीन से जो थोड़ा-बहुत निकलना था, वो मौसम ने रोक दिया। टाइफून डॉल्फिन के चलते निंगबो पोर्ट पर 7 अगस्त से कंटेनर गेट ऑपरेशन बंद रहे, शंघाई में भारी बारिश और जलभराव, पूरे यांग्त्ज़े डेल्टा का ट्रांसपोर्ट ठप। कंटेनर का बैकलॉग अब तक साफ नहीं हुआ, शिपिंग लाइनें ब्लैंक सेलिंग कर रही हैं। बुकिंग हो भी जाए तो डिलीवरी की तारीख कोई नहीं दे रहा।
क्रूड का हाल यह है कि आज ब्रेंट $91.60 पर है। महीने भर में 2.7% ऊपर और पिछले साल के मुकाबले 39% ऊपर। जुलाई के आखिर में तो $100 पार कर गया था। होर्मुज़ को लेकर तनाव बना हुआ है, यानी नीचे आने की उम्मीद फिलहाल छोड़ दीजिए।
अब सबसे बड़ी बात। बारिश का आधा सीजन निकल चुका है और दुकानदारों की मांग अब जाकर निकली है। पाइप, फिटिंग, फुटवियर, हर लाइन से पूछताछ शुरू है। इम्पोर्टर के गोदाम खाली पड़े हैं। जिनके पास दस दिन पहले तक स्टॉक था, वो आज फोन उठाना बंद कर चुके हैं।
घरेलू सप्लाई बंद, इम्पोर्ट पर ताला, क्रूड ऊपर, और मांग सिर पर। चारों तरफ से एक ही इशारा है।
साफ बात यह है कि जितना PVC चाहिए, आज तय कर लीजिए। तीन हफ्ते में जो ₹7 चढ़ चुका है, वो दो रुपये के इंतज़ार में और चढ़ेगा। रुकने वालों को रेट भी ऊँचा मिलेगा और माल भी नहीं।